विश्राम

*REST* विश्राम                                       जीवन मे आराम का महत्त्व:-  "जैसा कि आप सभी जानते है पुरे विश्व ब्रह्मांड की प्रक्रिया ,अविरत rest& activity पर आधारित होती है के आधार पर सृष्टि का निर्माण करती है।आप जब चलते है तब आपका एक पैर ऐक्शन मे होता है तो दूसरा रेस्ट मे होता है जब दूसरा ऐक्शन मे आता है तो पहला रेस्ट  में आजाता  है इस तरह एक अनवरत क्रिया चलती है।। क्या आप ने कभी ऐसा सोचा कि ऐसा क्यों होता होगा? यह इसीलिए होता है कि आप जब next ऐक्शन के लिए आये तो अधिक energetic/ऊर्जावान होकर आये । क्यों कि जब आप रेस्ट/आराम करते है तो आपके अन्दर tissues(ऊत्तक ओ) का निर्माण होता है।आपने देखा होगा जब भी किसी व्यक्ति को चोट लगती है तो डॉक्टर उसे आराम(रेस्ट) करने की सलाह देते है। इसलिए हमारा यहाँ पर यह कहना है कि अपने कार्य को रेस्ट लेते हुए अनवरत रूप से करते रहे।यही जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया होती है।आराम का क्षेत्र होता है वह ही परम विश्रांति का क्षेत्र होता है। वही से सर्व संभावनाओ का क्षेत्र प्राप्त होता है क्योंकि की जब हम रेस्ट होकर कार्य करेंगे तब ही हम अधिक ऊर्जावान होकर कार्य कर सकते है। जय गुरु देव।                                     उन सभी लोगों को समर्पित जो जीवन मे अधिक ऊर्जावान होकर कार्य करना चाहते है।सौजन्य से बृजेश जोशी।

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