मैकाले की शिक्षा नीति:

मैकाले की शिक्षा नीति:-Divide & Rule की नीति का स्पष्ट उदाहरण था।क्योंकि उसने भारतीय संस्कृति, भारतीय सभ्यता की उस धरोहर को  चोट पहुचाई जिस पर भारत को अब पहुँचना नामुमकिन के साथ असम्भव दिखता है।                एशिया के बहुत देश जैसे चीन, जापान,सिंगापुर आदि जिन्होंने अपनी विरासत को नही छोड़ा आज हाई technology के साथ साथ विकसित राष्ट्र हैं।                                            भारत मे अंग्रेजो ने उस जमाने  मे जब लोगो को गाड़ी, कारः, रेलगाड़ी की जानकारी तक नही थी उस समय  भारत के नीति निर्धारक ,संविधान निर्मातक लोगों  जैसे श्री ग़ांधी जी,श्री नेहरू जी, श्री अम्बेडकर जी आदि लोगो को बैरिस्टरी करने के लिए फ्लाइट से ब्रिटेन भेजा था। और आज परिणाम ये है कि संविधान मे जो भी मौलिक अधिकार स्थापित किये ,उनमें दोहरापन( duality) है। सबको शिक्षा का  अधिकार को ही लीजिए, एक समान शिक्षा नीति नही होने के चलते  समाज का कितना वर्ग शिक्षित है। कितना अशिक्षित है। कितना लोग एकदम उच्च पदों पर है।औऱ कितना एकदम नीचे है।रोटी, कपड़ा और मकान वाले matter को देखते है तो कितनी   विभिन्नता है।रोजकर के छेत्र को देखे तो कितना unequal distribution of money  कर रखा है।एक तरफ आप एक मजदूर को 350/- प्रतिदिन निर्धारित करते हो और दूसरी तरफ एक क्रिकेट टीम के एक कोच को  साढ़े सात करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित करते हो। यही शिक्षा नीति स्थापित करके अंग्रेज लोग भारत मे राज कर गए।अपना उपनिवेश बनाकर लगभग 300 वर्ष तक भारत को गुलाम बनाया, और बाकी रही सही कसर उनके अनुयायियों ने पूरी कर कर दी। और भारत वर्ष को ऐसी वैमनस्यता  की ओर धकेल दिया है कि भाई- भाई आपस मे लड़ रहे हैं।कहने का मतलब है कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक डिवाइड एंड रूल वाली  पोलिशी है।जो कि मैकाले/अंग्रेजो की नीति का ही परिणाम हैं।अतः मेरे देश वाशियों अभी  भी जग जाओ।                    जय हिन्द, जय भारत।।

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